रविवार, 1 अगस्त 2021

पर्यावरण गीत

पर्यावरण सुरक्षित हो अब यह संकल्प हमारा हो

प्रकृति प्रेम निःस्वार्थ करें सब यह नित ध्येय हमारा हो।


नदियाँ झरने झील तलाब दिया है सब कुछ प्रकृति ने।

पेड़ वनस्पति जड़ी बूटियां सब कुछ किये हैं सुकृति ने।

फिर हम क्यूँ हैं फिरते मारे नाता बना हमारा हो।

प्रकृति प्रेम निःस्वार्थ करें सब ...........।१।


प्रकृति माता पालन करती उससे जो जुड़ जायें हम।

जीव-जन्तु सब आवश्यक हैं उनका मान बढायें हम।

इस धरती पर हक़ है सबका जीव मात्र का नारा हो।

प्रकृतिक प्रेम निःस्वार्थ करें सब........।२।


पेड़ पौध हरियाली गहना धरती माँ के ये सब हैं

जैसे जीवन हममें तुममें वैसे ही इन सबमें है।

देते हैं नित स्वच्छ वायु जल वर्षा के भी कारक हैं 

इनका संरक्षण कर मानव जीवन सफल तुम्हारा हो।

प्रकृति प्रेम निःस्वार्थ करें सब....।३।


वृक्ष लगायें नदी बावड़ी पर्वतादि ना दूषित हों

कार्बन उत्सर्जन अति कम हो नदियाँ नहीं प्रदूषित हों।

स्वच्छ वायु औ नीर को जन नहिं भटके कहीं बेचारा हो।

प्रकृति प्रेम निःस्वार्थ करें सब......।४।


अवनीश

💐🪴🙏

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