गुरुवार, 16 मार्च 2023

गणतन्त्र्दिवस

मातृभूमि की आजादी को लाखों वीर शहीद हुवे

आजादी के दीवाने सब लड़ने को मजबूर हुवे।

पंद्रह अगस्त सन उन्निस सौ सैंतालिस को आजाद मगर

छब्बीस जनवरी उन्निस सौ पचास को हम गणतंत्र हुवे।


तब तक राष्ट्र तरक्की नहीं किया करता जलथल में

जब तक उसका संविधान न हो परिपुष्ट अमल में।

भारतरत्न भीमराव जी के नेतृत्व में कार्य हुआ

तब जाकर गणतंत्र हुये हम सपना तब साकार हुआ।।


इसी खुशी को व्यक्त करें हम हर गणतंत्र दिवस पर 

बोध रहे कर्तव्य हमें हम नित्य रहें तत्पर सत्पथ पर।

देश पुनः अपने चरम उत्कर्ष को पाये भारत यह

है यही परम दायित्व कि लहराये तिरंगा अम्बर पर।।


   ✍️अवनीश

        वसुन्धरा

     २६/०१/२०२३

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होली

 #होली #मुक्तक


रहे रंगों भरा पावन मधुर त्योहार होली का

जमे गुजिया पुआ व्यंजन भरा घरबार होली का।

सभी झूमें सभी नाचें भरें पिचकारियाँ रंग से

है स्वागत सब का रंगों से यही त्यौहार होली का।।


कोई दौड़े लिये हाथों में भर रंगीन पिचकारी 

कोई गाये हुआ मदमस्त प्यारा फाग बनवारी।

लगे न्यारा बहुत रंगों भरा त्योहार होली का

सभी हैं मस्त देखो व्यस्त भागम्भाग नर-नारी।।


सभी का हो भरा आँगन खुशी हो सबके जीवन में 

रहें रंगों के जैसे ही विविध सौन्दर्य उपवन में।

रहे न वैर आपस में मिलें सब लोग खुशहोकर

करें सार्थक मिटा मतभेद होलीपर्व निधिवन में।।


✍️अवनीश

     शिवगंगा

०९/०३/२०२३

व्रजरसमाधुरी

 मद्धम मद्धम पवन बहत नित रहत सुगंध लुटाई डाली डाली झूमत निसदिन लेत रहत अंगड़ाई। शुक सारिक डालिन पर निवसत रहत मंद मुसुकाई भागि सुभागि भयो अवन...