नमन है ज्ञानदा अरु शारदा को सर्वदा सततम।
करें मतिमन्दता को दूर जो अज्ञान को हरदम।१।
विनाशें भक्तगण के मनतिमिर को तेज से भर दें।
मिटा संशय सदा जीवन बना उज्ज्वल सफल कर दें।२।
भगवती शारदा वरदा प्रवाहित ज्ञानगङ्गा कीजिये।
मति को विमल करके सकल अज्ञानता हर लीजिये।३।
सभी का स्वच्छ हो मन अरु मुदित जनजन का जीवन हो।
सभी सज्जन बनें सुधिजन करें शुभकर्म वर्धन हो।४।
मनोरथ पूर्ण करती हैं सदा वरदायिनी माता।
उन्हीं की हो कृपा तो है मनुज बुद्धि प्रबल पाता।५।
सदा ही ज्ञान की देवी को भजते हैं सभी मुनि जन।
करें हम भी भजन माता का पावन हो सदा तनमन।६।
हमें भी भक्ति अपनी दीजिये वरदायिनी माता।
भगवती आपकी ही तो कृपा से बुद्धि जन पाता।७।
✍️अवनीश
शिवगङ्गा
३/८/२०२२
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