रविवार, 7 अगस्त 2022

गज़ल

दिल बहुत कमजोर दिखने अब लगे हैं

लोग अपनों से ही छिपने अब लगे हैं।१।


स्वार्थ हावी हो गया है इस कदर कि

सारे रिश्ते आप मिटने अब लगे हैं।२।


स्वार्थ है कारण कि घुटता दम सभी का

हार्ट पीड़ित लोग दिखने अब लगे हैं।३।


दिल को चीरे रोज लगते हर शहर में

स्टंट छल्ले पंप बिकने अब लगें हैं।४।


दिल नहीं लगते कि दिल हों आदमी के

खोट दिल में आज टिकने अब लगे हैं।५।


हो गयी हावी है माया इसकदर कि

पाप कर इन्सान हंसने अब लगे हैं।६।


सच में पीड़ित आज मन अवनीश का

ये व्यथा इतनी कि लिखने अब लगे हैं।७।


✍️ अवनीश

      शिवगंगा 

    ६/८/२०२२

    💐💐🙏🙏

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