हिम्मत और खुमारी रख जब तक जां है जारी रख।
वक़्त नहीं ठहरा करता है हरदम ही तैयारी रख।
कठिन परिश्रम करके प्यारे खुद से दूर बिमारी रख।
कातर कभी नहीं होना बस दिल में तूं खुद्दारी रख।
कितना भी हो दौर बुरा तूं जंग सदा ही जारी रख।
सच्चाई के मार्ग चलाकर अच्छी आदत न्यारी रख।
दीन दुखी सबकी कर सेवा मानवता तूं प्यारी रख।
सच्चा धर्म यही है प्यारे नीयत नेक निहारी रख।
कलम हाथ में है गर तेरे लाज कलम की थारी रख।
याद सदाकत की करके तूं सारी दुनियाँदारी रख।
कहता है अवनीश हमेशा मन में मत दुश्वारी रख।।
अवनीश शिवगङ्गा 22/7/2021 💐💐🙏🙏
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