मित्र होता है वही जो हर मुसीबत में खड़ा हो साथ देता है सदा वो वक़्त जितना भी बुरा हो।। दोस्ती होती नहीं है फायदे को देखकर दिल के मिलने पर स्वयं दोस्ती का सिलसिला हो।१।
है यही रिश्ता जो रिश्तों से बड़ा मजबूत है।
दोस्ती दो व्यक्तियों की भावना का सबूत है।
होते हैं रिश्ते स्वयं पर मित्रता को हम करें।
मित्रता में दो हृदय ही मित्र के मिलकर बढें।२।
मित्रता होती अलग ही एक जोड़ी व्यक्तियों की।
मित्रता से राह खुलती हर घड़ी नवशक्तियों की।
मित्र देता है सहारा हर मुसीबत में स्वयं ही।
मित्रता है औषधि हर शोकपीड़ित भुक्तियों की।३।
मित्रता है कृष्ण जी की जो सुदामा को उबारे।
मित्र की बाधा हरे हरदम करे सब यत्न सारे।
मित्रता प्रभु राम की सुग्रीव के जो दुःख निवारे।
मित्रवत्सल राम जी के प्रिय अतिथि थे मित्र सारे।४।
मित्रता का मोल कोई भी कहीं चुकता करे?
मित्रता की डोर हरदम यकीं पर टिका करे।
मित्रता है ईश की अनुपम सुगमतम लेन है।
मित्रता तो विश्व की सबसे मनोहर देन है।५।
अवनीश
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