रविवार, 18 जुलाई 2021

श्रीकृष्ण-स्तुति

गोवर्द्धन गिरि धारक की जय

यमुना के उद्धारक की जय।
कालिय दर्प विदारक की जय
कंसक्रूर संघारक की जय।१।

वेणुवाद विस्तारक की जय
सत्य धर्म धुरि धारक की जय।
सन्त गुणी जन तारक की जय
प्रेम सुधा संचारक की जय।२।

पार्थ मोह संवारक की जय
कर्ममार्ग विस्तारक की जय।
दिव्ययोग संचारक की जय
सकल द्वन्द्व निवारक की जय।३।

भक्त सुजन दुःख हारक की जय
दीन हीन गति कारक की जय।
परम मित्र उपकारक की जय
देवमनुज दुःखहारक की जय।४।

पाञ्चाली उद्धारक की जय
भक्त भक्ति भव तारक की जय।
चीरहरण से वारक की जय
शिशुपालक संहारक की जय।५।

   अवनीश
💐💐🙏🙏

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