रविवार, 18 जुलाई 2021

प्रिये

तुमसे जीवन का प्यार प्रिये                                        है हरा भरा घर-द्वार प्रिये।                                      तुमसे ही तो है बना हुआ                                      जीवन उपवन संसार प्रिये।१।

तुम रहती स्वांसों में बंधकर
दिलधड़कन बनी धड़कती हो।
हर वक्त हमारे हित खातिर
प्रियतमा रात दिन अड़ती हो।२।

तुम बिन जीवन बेकार प्रिये
था बिखरा सा घर बार प्रिये।
जब से संग पाया है तेरा
अब जगमग है संसार प्रिये।३।

महिमा तेरी महिमा अद्भुत
जग से न्यारी मनुहार प्रिये।
तुम अडिग मुसीबत में रहकर
करती जीवन साकार प्रिये।४।

तेरे अधरों की हँसी मुझे
देती नित नई बहार प्रिये।
तेरे कपोल प्रिय दन्तावलि
है दाड़िम सी उपहार प्रिये।५।

तुम अंतर्मन की शक्ति हो
गुरु मातु पिता की भक्ति हो।
रहती मुझमें बन शक्ति परं
पथ दर्शक बारम्बार प्रिये।६।

   अवनीश
💐💐🙏🙏



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