रविवार, 17 जुलाई 2022

नारी

       *नारी-शक्ति*

इस दुनियाँ की कारण नारी

दुःख समस्त निवारण नारी।

सृष्टि की है मूल में न्यारी

माता,भगिनी,पत्नी प्यारी

।१। 

सबसे ऊँची पद्वी इसकी

प्रथम गुरु भी माँ ही होती।

नारी शक्ति है विश्वपोषिणी

नारी है देवी सम होती।२। 


नमन सदा नारी समष्टि को

रखती सदा एक व्यष्टि जो।

ऐसी उस नारी का वन्दन

नारी का करते अभिनन्दन ।३। 


नारी ही माँ अनसूया है

ईश का शीश झुका देती।

नारी की है अद्भुत क्षमता

सत्यवान को बचा लेती।४। 


काल कराल से भी रक्षा कर

सुत को जो पोषित करती।

नारी ही तो निज ममत्व से

शिशुओं में जीवन भरती।५।


  अवनीश

💐💐🙏🙏

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